भारत ने सुरक्षा परिषद् में आईएसआईएल जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन पूरी तरह से बंद करने का आह्वान किया

भारत ने सभी संबंधित पक्षों से आईएसआईएल जैसे आतंकी संगठनों का समर्थन पूरी तरह बंद करने का आह्वान करते हुए पश्चिम एशिया में सभी हितधारकों से शांति, स्थिरता और विकास के लिए काम करने का आग्रह किया है। भारत ने कहा है कि उसने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बलों में अपने कर्मियों की तैनाती तथा मानवीय मदद, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण के जरिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए काफी प्रयास किए हैं और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में आगे भी योगदान देता रहेगा।

भारत ने ‘पश्चिम एशिया में हालात’ पर सुरक्षा परिषद की चर्चा में सोमवार को लिखित बयान प्रस्तुत किया । इसमें कहा गया, ‘‘भारत संबंधित पक्षों से आईएसआईएल (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट) जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन पूरी तरह से बंद करने का आह्वान करता है। भारत क्षेत्र के सभी पक्षों से पश्चिम एशिया के लोगों के फायदों के लिए शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करने का अनुरोध करता है।’’

भारत ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम संधि से गाजा में मानवीय स्थिति ठीक हुई है और उम्मीद जतायी कि अस्थायी संधि को स्थायी संघर्षविराम में बदला जाएगा। इससे दोनों पक्षों के लोगों की जान बचेगी और वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनेगा। भारत ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण हकीकत है कि पश्चिम एशिया के लोगों की चुनौतियों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता, शरणार्थियों का मुद्दा और आतंकवाद की समस्या अभी भी व्याप्त है। कोविड-19 महामारी ने इन चुनौतियों से पैदा खतरों को और बढ़ा दिया है।’’

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टी एस त्रिमूर्ति का यह बयान परिषद के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा होगा। भारत ने कहा कि वह संसदीय और राष्ट्रपति चुनाव कराने तथा फलस्तीन राष्ट्रीय परिषद का चुनाव कराने के लिए फतह और हमास के बीच समझौते की सराहना करता है।

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