भोपाल (MP) में खूनी संघर्ष:चौराहे के नाम को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े,22 साल के लड़के की मौत

दोस्तों में ही लाठी-डंडों से लेकर गोलियां तक चलीं, 6 से ज्यादा घायल, आरोप पुलिस आई ही नहीं

भोपाल के ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र में एक चौराहे के नाम को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि उसमें 22 साल के एक लड़के की जान चली गई, जबकि 6 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चौराहे पर समाज के नाम का बोर्ड लगाने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद लाठी-डंडे और गोली तक चलाई गई। खूनी संघर्ष में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक और आरोपी पहले दोस्त थे, लेकिन चौराहा के नाम के कारण उनके में दुश्मनी हो गई थी।

इधर, परिजनों ने आरोप लगाए कि घटना के बाद पुलिस मौके पर ही नहीं पहुंची। वे खुद ही घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे। एक पुलिसकर्मी पर तो नशे में होने के आरोप भी लगे हैं। पुलिस ने एक महिला समेत 15 से ज्यादा लोगों पर हत्या के प्रयास और बलवा समेत 6 से ज्यादा धाराओं में एफआईआर कर ली है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया।

एएसपी दिनेश कौशल ने बताया कि बुधवार रात करीब 9 बजे पाल समाज की तरफ से डोबरा गांव की एक सड़क पर बोर्ड लगा दिया गया। इसको लेकर मीणा समाज ने विरोध जताया और वहां करीब 100 से ज्यादा लोग जमा हो गए। पहले तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो रही थी, फिर वह मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते लाठी-डंडों से एक दूसरे पर हमला कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बंदूक लाकर वहां पर फायर करने शुरू कर दिए।

12 बोर की बंदूक से गोली चलने से 2 से ज्यादा लोगों को छर्रे लगे। इसमें 22 साल के शिवम मीणा नाम के एक लड़के की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 45 साल के करण मीणा छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल बताए गए। इसके अलावा 6 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सभी को अस्पतालों में भर्ती किया गया। इधर, पुलिस ने संतोष मीणा की शिकायत पर संजय पाल, निर्मल पाल, प्रदीप, नरेश, शुभम, सुरेश, जनक सिंह, बद्री प्रसाद, स्वप्नेश, निर्भय सिंह, मल्लू सौदान सिंह, राजेश, नर्मदा प्रसाद, लखन, विनोद, सोहनलाल और बंतीबाई पर हत्या के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और बलवा समेत 6 से ज्यादा धाराओं में एफआईआर की है।

हालात पर नियंत्रण पाने के लिए 3 से ज्यादा थानों की पुलिस बुलाई

झगड़ा रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ था। पुलिस की माने तो सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी, बैरसिया, परवलिया और गांधीनगर थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंच गई। देर रात तक पुलिस घायलों को अस्पताल पहुंचाती रही। पुलिस कंट्रोल रूम से भी अतिरिक्त बल भेजा गया। शिवम का शव पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने तड़के करीब 4 बजे मामले में एफआईआर की और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। मौके पर पुलिसबल तैनात किया गया है। हालांकि परिजनों ने आरोप लगाए कि पुलिस आई ही नहीं। गांव के एक घर से कुछ बातचीत कर खानापूर्ति कर चले गए।

लंबे समय से चल रहा है दोनों पक्षों के बीच विवाद

चौराहे के नाम को लेकर वहां लंबे समय से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। एएसपी दिनेश कौशल के अनुसार, देर रात पाल समाज के एक व्यक्ति ने वहां पर समाज का बोर्ड लगा दिया था। इसको लेकर ही विवाद इतना बढ़ गया। दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। यह विवाद दोनों पक्षों में लंबे समय से चल रहा है। इस चौराहे को वे अपने-अपने समाज के नाम पर रखना चाहते हैं।

ऐसे बढ़ता गया विवाद

जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय शिवम मीणा ग्राम डोबरा में किराना की दुकान चलाता है। वह वहीं रहता है। गांव में किसानी करने वाले प्रदीप पाल का परिवार रहता है। शिवम और प्रदीप में पूर्व में दोस्ती रही है। गांव में एक चौराहा बना है, जिसके नामकरण को लेकर दोनों में मनमुटाव हो गया था। बात बड़ों तक पहुंची और प्रतिष्ठा का सवाल बन गई। पाल समाज के लोग चौराहा का नाम पाल चौराहा रखना चाहते थे। जबकि मीणा समाज के लोग इसे डोबरा चौराहा नाम देना चाहते थे। इसी बात को लेकर दोनों समाजों के बीच में ठन गई।

पहले मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच मामूली विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत मीणा समाज के लोगों ने थाना ईटखेड़ी में की थी। बुधवार को शिवम दुकान पर था इसी बीच प्रदीप पाल वहां पहुंचा और बहसबाजी शुरु कर दी। लोगों ने समझाइश देकर उसे रवाना कर दिया कुछ देर बाद प्रदीप भाई, संजय पाल और निर्मल पाल व अन्य एक दर्जन से अधिक लोगों को लेकर शिवम की दुकान पहुंचा और हमला कर दिया।

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